मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक आयोजित

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दिनांक: 02 दिसम्बर, 2021

लखनऊ: प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में नई पेंशन योजना, कैशलेस ट्रीटमेंट, पदोन्नति, सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन (ए0सी0पी0), मृतक आश्रितों का सेवायोजना, नीतिगत स्थानान्तरण आदि के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एन0पी0एस0) के अधीन अधिकतम लाभ दिलाने हेतु वर्तमान सरकार द्वारा दिनांक 13 फरवरी, 2019 को शासनादेश निर्गत किया गया है, जिसके तहत 01 अप्रैल, 2019 से सरकार का अंशदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत प्रतिमाह किया गया। इसके अतिरिक्त दिनांक 01 अप्रैल, 2005 से 31 मार्च, 2019 तक कर्मचारियों को हुयी क्षतिपूर्ति की भरपाई हेतु यह व्यवस्था की गयी कि यदि किसी कर्मचारी के वेतन से कटौती कर ली गयी परन्तु काटी गयी धनराशि सरकारी अंशदान के साथ भेजने में यदि विलंब हुआ तो जी0पी0एफ0 पर लागू ब्याज दर के आधार पर सरकार द्वारा ब्याज का भुगतान किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि 31 मार्च, 2019 तक कर्मचारी अंशदान के बिना भी नियोक्ता अंशदान जमा करने तथा अंशदान की नियत तिथि से अंशदान जमा होने की तिथि तक ब्याज के साथ जमा की जायेगी। उक्त निर्णयों के क्रियान्वयन हेतु वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के बजट में क्रमशः रूपये 4978 करोड़ तथा रूपये 4578 करोड़, कुल रूपये 9556 करोड़ बजट के माध्यम से उपलब्ध कराये गये।
उन्होंने कहा कि जिन विभागों में कर्मचारियों के प्रान एकाउण्ट अभी तक नहीं खुले हैं, अभियान चलाकर उनके प्रान एकाउण्ट यथाशीघ्र खुलवाये जायें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ एक सप्ताह के अन्दर बैठक कर उनकी चिकित्सा आदि से संबंधित समस्याओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में पदोन्नति, सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन (ए0सी0पी0) से सम्बन्धित प्रकरण लम्बित हैं, का यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराया जाये तथा उनकी सूची भी शासन को उपलब्ध करायी जाये। इसके अतिरिक्त कार्मिक विभाग द्वारा मृतक आश्रितों के सेवायोजन के सम्बन्ध में आने वाली समस्याओं का यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अन्तर्गत कर्मचारियों के एन0पी0एस0 खाते में कई वर्षों से लम्बित राज्यांश लगभग 10 हजार करोड़ रुपये कर्मचारियों के एन0पी0एस0 खाते में जमा किया गया है।
बैठक में सचिव वित्त संजय कुमार ने बताया कि प्रदेश में एन0पी0एस0 के अन्तर्गत दिनांक 31 अक्टूबर, 2021 तक 5,15,315 सरकारी कर्मचारियों तथा 2,71,210 सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों का पंजीकरण किया जा चुका है। उक्त तिथि तक सरकारी कर्मचारियों के प्रान खातों में रू0 20,872.45 करोड की धनराशि तथा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों के प्रान खातों में रू0 8,542.00 करोड, इस प्रकार कुल रू0 29,414.45 करोड़ की धनराशि अन्तरित की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि सरकारी कर्मचारियों एवं सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों/परिषदीय विद्यालयों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के कार्मिकों के प्रान खातों में जमा धनराशि का निवेश एवं प्रबन्धन भारतीय स्टेट बैंक पेंशन निधि, भारतीय जीवन बीमा निगम पेंशन निधि तथा यू0टी0आई0 रिटायरमेण्ट सोल्यूशन्स द्वारा किया जा रहा है जो सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थायें हैं । इन संस्थाओं द्वारा पेंशन निधियों के निवेश पर योजना के प्रारम्भ से दिनांक 26 नवम्बर, 2021 तक क्रमशः 9.81 प्रतिशत, 9.90 प्रतिशत तथा 9.86 प्रतिशत जिनका औसत 9.86 प्रतिशत होता है, की दर से आय अर्जित की गयी है।
उन्होंने यह भी बताया कि एन0पी0एस0 के अन्तर्गत ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण एवं सामूहिक बीमा योजना पूर्व की भांति अनुमन्य है। एन0 पी0 एस0 से आच्छादित किसी कार्मिक की मृत्यु सेवा काल में होने पर मृतक के आश्रितों को यह विकल्प उपलब्ध है कि वे पुरानी पेंशन योजना में अनुमन्य पारिवारिक पेंशन अथवा एन0 पी0 एस0 में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। एन0पी0एस0 से आच्छादित कर्मचारियों के मृतक आश्रित का सेवायोजन संगत नियमों के अधीन अनुमन्य है। एन0 पी0 एस0 के अन्तर्गत पेंशन खाते (टियर-1 खाता) के अतिरिक्त जी0पी0एफ0 की भांति टियर-2 खाता खोलने का प्रावधान है। टियर-1 खाते में जमा धनराशि के प्रबन्धन की भांति ही टियर-2 खाते में जमा धनराशि का प्रबन्धन किया जाता है ।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा दिनांक 01 अप्रैल, 2004 से नई पेंशन योजना (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली -एन0पी0एस0) लागू की गयी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में दिनांक 01 अप्रैल, 2005 से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू की गयी है। देश के विभिन्न राज्यों द्वारा भिन्न-भिन्न तिथियों से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली लागू की गयी।
दिनांक 01 जनवरी, 2004 को या उसके पश्चात् सेवा में योगदान करने वाले अखिल भारतीय सेवाओं-आई0ए0एस0, आई0पी0एस0 तथा आई0एफ0एस0 के अधिकारीगण भी (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) से आच्छादित हैं। प्रदेश में एन0पी0एस0 से ऐसे सभी कार्मिक आच्छादित हैं जो राज्य सरकार अथवा राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन ऐसी समस्त स्वायत्तशासी संस्थाओं और शासन से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं, जिनमें राज्य कर्मचारियों की भॉंति पेंशन योजना दिनांक 01 अप्रैल, 2005 के पूर्व लागू थी और जिनका वित्त पोषण राज्य सरकार की समेकित निधि से किया जाता है, की सेवा में दिनांक 01 अप्रैल, 2005 को अथवा उसके उपरान्त नियुक्त हुए हों।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव कार्मिक देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री शशि प्रकाश गोयल, अपर मुख्य सचिव होमगार्ड्स अनिल कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रवीन्द्र, सचिव वित्त संजय कुमार व अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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