इमरान खान के भाषण की प्रमुख बातें, लाइव संबोधन में ‘विदेशी ताकत’ के नाम का किया खुलासा

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अविश्वास प्रस्ताव से पहले पाकिस्तान के लोगों को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने गुरुवार को ‘विदेशी साजिश” के अपने दावों को दोहराया और कहा कि एक विदेशी राष्ट्र उनके द्वारा किए गए “स्वतंत्र” विदेश नीति विकल्पों पर उन्हें हटाने की कोशिश कर रहा है। इमरान ने दावा किया कि एक विदेशी राष्ट्र ने एक संदेश भेजा है कि इमरान खान को हटाने की जरूरत है क्योंकि देश को परिणाम भुगतने होंगे।

राष्ट्र के नाम एक संबोधन में, 69 वर्षीय इमरान खान ने ‘धमकी भरे पत्र’ पर भी चर्चा की, जिसमें कथित तौर पर उनकी गठबंधन सरकार को गिराने के लिए एक विदेशी साजिश का जिक्र करते हुए सुबूत दिए गए हैं। टीवी पर लाइव प्रसारण में उन्होंने इस खतरे के पीछे अमेरिका का नाम लिया। इमरान ने कहा कि हमारी नीति अमेरिका विरोधी नहीं रही है। इसी तरह हम यूरोप या भारत विरोधी भी नहीं हैं। लेकिन भारत द्वारा कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद हमारा रुख भारत विरोधी हो गया। कश्मीर विवाद दोनों देशों के बीच एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। भारत ने पाकिस्तान से बार-बार कहा है कि जम्मू और कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और हमेशा रहेगा।

इमरान खान ने कहा कि मेमो उनके खिलाफ था, सरकार के खिलाफ नहीं। इसमें कहा गया है कि अगर अविश्वास प्रस्ताव पास होता है तो पाकिस्तान को माफ कर दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो परिणाम भुगतने होंगे। मैं हट गया तो अमेरिका का गुस्सा शांत हो जाएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पहले एक गुप्त पत्र की सामग्री को साझा किया था जो पिछले हफ्ते खबरों में था जब उन्होंने एक सार्वजनिक बैठक में बताया कि उनकी सरकार को विदेशों से धमकियां मिली थीं। इमरान खान ने दावा किया था कि विदेश मंत्रालय को धमकी भरा पत्र भेजा गया था।

पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि इमरान खान सत्ता से जाए। अवि‍श्‍वास प्रस्ताव पेश करने वाले सरकार में आएं। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें पाकिस्‍तान में बैठे दलालों के माध्यम से मेरे खिलाफ साजिश में शामिल हैं। धमकी के पत्र में बड़ी खौफनाक चीजें हैं। इसे मैंने कैबिनेट में रखा, सुरक्षा परिषद के समक्ष रखा, संसद कमेटी के सामने रखा, पत्रकारों को दिखाया, यह डराने के लिए नहीं किया गया।

इमरान खान ने यह भी बताया कि आखिरी अमेरिका उनकी सरकार को क्यों हटाना चाहता है? इमरान खान ने कहा कि मेरे रूस जाने के फैसले से अमेरिका नाखुश था। इमरान ने कहा कि पत्र में कहा गया है कि अविश्वास प्रस्ताव दाखिल होने से पहले ही पेश किया जा रहा था। जिसका आशय है कि विपक्ष, विदेशी ताकतों के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि पत्र उनके खिलाफ था, सरकार के खिलाफ नहीं।

खान ने कहा कि यह एक आधिकारिक पत्र था जिसे पाकिस्तान के राजदूत को दिया गया था, जो बैठक के दौरान नोट्स ले रहे थे।उन्होंने कहा कि विदेशी अधिकारी जानते हैं कि उनके बाद सत्ता में आने वालों को बाहरी ताकतों से आदेश लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि हमारे लोग, जो यहां बैठे हैं, विदेशी शक्तियों के संपर्क में हैं।

उन्होंने इस संदर्भ में तीन ‘कठपुतलियों’ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के मौलाना फजलुर रहमान का उल्लेख किया। इमरान ने कहा कि क्या बाहरी देश ऐसे भ्रष्ट लोगों को अपने यहां में सत्ता में चाहते हैं? वे ऐसे भ्रष्ट राजनेताओं को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, लेकिन मैं उन्हें स्वीकार्य नहीं हूं।

पाकिस्‍तानी पीएम ने कहा कि मुझे किसी ने कहा कि आप इस्तीफा दे दीजिए। जो मेरे साथ क्रिकेट खेलते थे उन्होंने देखा है कि मैं आखिरी गेंद तक मुकाबला करता हूं। मैंने हार कभी ज़िंदगी में नहीं मानी। जो भी नतीजा होगा उससे बाद मैं और ज्यादा ताकतवर होकर सामने आऊंगा, जो भी नतीजा हो।

पाकिस्तान मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को भेजे गए पत्र पाकिस्तान और दूसरे देश के राजनयिकों के बीच बातचीत का शब्द-दर-शब्द प्रतिलेख है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि एक घंटे से भी कम समय बाद पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इमरान खान के पास कहने के लिए कहीं नहीं है।

यह टिप्पणी उस समय आई है, जब पाकिस्तान नेशनल असेंबली की कार्यवाही को पाकिस्तान के पीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए गुरुवार को बुलाए जाने के तुरंत बाद 3 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव के लिए महत्वपूर्ण सत्र बहुत देरी के बाद शुरू हुआ, लेकिन संसद सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की मांग के बाद रविवार सुबह 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र का आयोजन में विपक्षी की ओर 172 से अधिक संसद सदस्य उपस्थिति थे।

अन्य विपक्षी नेताओं के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि इमरान खान ने फिर से अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही को टालने के लिए पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष असद कैसर का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा कि आज हमने 175 सांसदों को संसद में पेश कर यह साबित कर दिया है कि इमरान खान के पास दौड़ने के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, कि अब हमारे पास बहुमत है। इमरान खान के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं है। उनके लिए कोई चेहरा बचाने का रास्ता नहीं है और कोई पिछला दरवाजे नहीं है।

पीपीपी अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि देश में राजनीतिक संकट को समाप्त करने के प्रयास में इमरान खान के लिए इस्तीफा देने का केवल एक ‘सम्मानजनक’ तरीका है। पीटीआई के सहयोगियों द्वारा विपक्ष का साथ देने का फैसला करने के बाद पाकिस्तान के पीएम बहुमत खोते दिख रहे हैं। इमरान खान ने कथित तौर पर अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव वापस लेने की शर्त पर विधानसभा भंग करने की पेशकश की है। उन्होंने कहा है कि अगर विपक्ष उनके सुझाव से सहमत नहीं है तो वह किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।

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