PM मोदी की टैक्स घटाने की अपील, CM उद्धव बोले- भेदभाव न करें, बकाया GST अब तक नहीं मिला

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देश में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इसमें महामारी ओर यूक्रेन-रूस जंग के कारण देश की आर्थिक स्थिति पर हुए असर को लेकर भी चर्चा हुई। PM ने राज्यों से उनके हिस्से का टैक्स घटाने की अपील की है, ताकि जनता पर महंगाई का बोझ कम किया जा सके।

पीएम मोदी की इस अपील के बाद राज्य सरकारों के बयान सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे ने कहा कि सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला राज्य महाराष्ट्र है, लेकिन केंद्र सरकार हमसे भेदभाव कर रही है। केंद्र से मिलने वाला 26 हजार 500 करोड़ रुपए़ का GST अब तक बकाया है।

PM की VAT घटाने की अपील पर राज्य सरकारों के बयान

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि ये सच नहीं है कि राज्य के कारण पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है। मुंबई में एक लीटर डीजल पर टैक्स का हिस्सा केंद्र के लिए 24.38 रुपए और राज्य के लिए 22.37 रुपए है। पेट्रोल टैक्स का हिस्सा केंद्रीय कर के रूप में 31.58 रुपए और राज्य कर के रूप में 32.55 रुपए है। जनता को राहत देने के लिए राज्य पहले ही प्राकृतिक गैस में टैक्स राहत दे चुका है। प्राकृतिक गैस को बढ़ावा देने के लिए इस पर वैट की दर 13.5% से घटाकर 3% कर दी गई है।
  • टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सरकार कीमतों पर कंट्रोल नहीं कर पा रही, इसलिए PM विपक्ष दल वाले राज्यों को दोषी ठहरा रहे हैं। केंद्र बकाया GST चुकाए और राज्यों से सौतेला व्यवहार बंद करे। प्रधानमंत्री को भाजपा के राजनीतिक हितों के लिए कोरोना मीटिंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। हम इसकी निंदा करते हैं।
  • झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा- पीएम ने हेल्थ के बजाय पेट्रोल-डीजल पर ज्यादा बात की, जिससे ये राजनीतिक बैठक बन गई। पीएम मोदी इनको GST के तहत लाएं और देश के लिए एक नीति बनाएं।
  • कांग्रेस के पवन खेड़ा बोले- पीएम मोदी ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क से 26 लाख करोड़ कमाए। क्या उन्होंने यह बताया? आपने राज्यों को जीएसटी का हिस्सा समय पर नहीं दिया और फिर आप राज्यों से वैट को और कम करने के लिए कहते हैं। उन्हें केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करना चाहिए और फिर दूसरों से वैट कम करने के लिए कहना चाहिए।

कोरोना रिव्यू मीटिंग में PM मोदी ने कही ये बातें

राज्यों में तेल के भावों की तुलना- पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर विरोधी राज्य सरकारों पर निशाना साधा। कई राज्यों में कीमतों का अंतर गिनाया। कहा- मुंबई में 120 रुपए लीटर, जबकि पड़ोस के ही केंद्र शासित प्रदेश दमन दीव में यह 102 रुपए है। तमिलनाडु में 111 रुपए, जयपुर में 118 रुपए लीटर है।

बढ़ते कोरोना केस पर जताई चिंता- उन्होंने सभी कोरोना वॉरियर्स की प्रशंसा की। कुछ राज्यों में कोरोना केस बढ़ने पर चिंता जताई और कहा चुनौती टली नहीं है। इसकी गंभीर हालत हो सकती है, लेकिन हमने हालात को नियंत्रण में रखा है।

अलर्ट रहने की दी हिदायत- कोरोना से अलर्ट रहने की सलाह दी। साथ ही कहा तीसरी लहर से हमने बहुत कुछ सीखा। दो साल के भीतर देश ने हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर ऑक्सीजन तक पर काम किया।

वैक्सीनेशन ने बचाया- वैक्सीनेशन ड्राइव की तारीफ की और कहा तीसरी लहर में वैक्सीनेशन ने बचाए रखा। 96 प्रतिशत आबादी को पहली डोज, 15 साल से ऊपर 85 प्रतिशत को दूसरी डोज लग चुकी है। वैक्सीन को सबसे बड़ा कवच बताया।

स्कूली बच्चों के लिए सलाह- देश में लंबे समय बाद स्कूल खुले हैं इसलिए बच्चों के लिए वैक्सीन लगवाने की बात कही। टीचर्स-पेरेंट्स और बाकी एलिजिबल लोग भी प्रिकॉशन डोज लेने कहा। सकते हैं। इन्फेक्शन को शुरुआत में ही रोकने की अपील की।

केंद्र राज्य मिलकर काम करें- केंद राज्यों के साझा प्रयास की सराहना की। यह भी कहा पब्लिक में पैनिक न फैले। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के अपडेट का काम चलता रहे। जिम्मेदारियां तय करने और संकट से निबटने की तैयारी के लिए कहा।

अर्थव्यवस्था पर भी की बात- युद्ध के माहौल में चुनौतियों पर केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बढ़ाने कहा। इनमें तेल की कीमतों पर VAT घटाने की सलाह थी। कुछ राज्यों की तारीफ की तो कुछ से अपील की।

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