कानपुर हिंसा के तीसरे शुक्रवार को भारी फोर्स के साथ ड्रोन और कैमरों से होगी निगरानी

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कानपुर हिंसा के बाद आज तीसरा शुक्रवार है जब पुलिस प्रशासन किसी भी कीमत पर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। पुलिस, पीएसी, आरएएफ के साथ ड्रोन के जरिए मल्टीस्टोरीज पर पल-पल की निगरानी रखी जाएगी। इसी के साथ गुरुवार को हिंदू और मुस्लिम संप्रदाय के लोगों और धर्मगुरुओं से लगातार बैठकों और सलाह-मशवरा का दौर भी जारी रहा है। प्रदेश के नौ जिलों में भले ही पिछले शुक्रवार को हिंसा, आगजनी और पथराव की घटनाएं हुई थीं, लेकिन कानपुर पूरी तरह से शांत रहा। एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि इस शुक्रवार को भी शांति बनी रहे। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं।

चप्पे चप्पे पर रहेगी निगरानी
एसीपी आनंद प्रकाश तिवारी के मुताबिक तकनीक का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। आठ ड्रोन कैमरा लगाए गए हैं। 28 स्टेटिक कैमरों से लैस वीडियोग्राफर संवेदनशील जगहों पर मौजूद रहेंगे। पीटीजेड कैमरे भी लगाए गए हैं जो 360 डिग्री की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में ऐसे कैमरे भी लगाए गए हैं जो ऑडियो भी सुनने में मददगार होंगे। तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के साथ ही उतना ही फोर्स इस बार भी तैनात किया जाएगा जितना पिछली बार किया गया था।

मल्टीस्टोरीज के ऊपर उड़ेंगे ड्रोन
ड्रोन ऊंची बिल्डिंगों और भवनों से भी ऊपर नजर रखेंगे। कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी इनस्टॉल किए गए है जिन्हें सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रहेगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कंट्रोल रूम से निगरानी और निर्देश की व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। किसी भी तरह से कोई चूक ना हो उसके लिए पूरी सावधानी बरती गई है।

40 से ज्यादा संवेदनशील प्वाइंट्स पर नजर
40 से ज्यादा संवेदनशील प्वाइंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। नई सड़क, यतीमखाना, मूलगंज, पेंचबाग, अनवरगंज, मछरिया, कल्याणपुर, नौबस्ता, बिल्हौर, जाजमऊ आदि इलाकों में पुलिस का सख्त पहरा है। पुलिस, आरएएफ, पीएसी, दंगा नियंत्रण बल की कंपनियां तैनात की गई हैं। कमिश्नर ने जुमे की नमाज को लेकर दिशा निर्देश दिए।

एलआईयू, सिविल डिफेंस, युवा मित्र एक्टिव
एसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि आज एलआईयू, सिविल डिफेंस और पुलिस युवा मित्र और पीस कमेटी के लोगों को समाज के अलग-अलग हिस्सों में जनता के बीच रहने को कहा है। इससे हमें सूचना तेजी से मिलती रहे। जो अराजक तत्व हैं, उन पर विशेष नजर रखी जा सके। एसीपी ने कहा कि सरकार की सेक्टर और जोनल स्तर की प्लानिंग को लागू किया गया है। फोर्सेज को प्रॉपर ब्रीफिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लैस किया गया है। इस बार भी ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर 500 मीटर या फिर एक किलोमीटर तक शांति और अमन-चैन का संदेश पहुंचाने की कोशिश होगी।

चैनल्स, बैरिकेड, रोप लगाए गए
शहर के सभी संवेदनशील पॉइंट पर चैनल्स बैरिकेडिंग और रोप लगाने का कार्य किया गया है 40 से संवेदनशील प्वाइंट्स पर भीड़ से निपटने के लिए मजबूत चैनल्स और बैरिकेट लगाए गये है। कमिश्नर ने जुमे की नमाज को लेकर दिशा निर्देश दिए। उन्होंने धर्म गुरुओं से किसी तरह की भी अफवाह ध्यान न देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, धर्म गुरुओं, समाज के लोगों के साथ मीटिंग की गई है।

पुलिस कमिश्नर ने सतर्कता बरतने को कहा
इस दौरान पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने फोर्स को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के लिए कहा है। किसी भी तरह की सूचना मिलने पर उसकी जानकारी अन्य अधिकारियों को देने के लिए कहा है। तैनाती स्थल पर दुकानदारों और आस-पड़ोस के लोगों से संवाद रखें।

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