सेंसेक्स 452 पॉइंट चढ़कर 60,737 पर और निफ्टी 170 पॉइंट चढ़कर 18,162 पर बंद

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हफ्ते के तीसरे दिन यानी बुधवार को बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। इसी तेजी के साथ बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। कारोबार के दौरान बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया और सेंसेक्स 60,836 और निफ्टी 18,197 के स्तर तक गया। बाजार आज लगातार 5वें दिन बढ़त के साथ बंद हुए है।

सेंसेक्स 452 पॉइंट यानी 0.75% बढ़कर 60,737 पर और निफ्टी 170 पॉइंट यानी 0.94% की तेजी के साथ 18,162 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले सेंसेक्स 60,619 पर और निफ्टी 18,097 पर खुला था।

सेंसेक्स के 30 शेयर्स में से 22 शेयर बढ़त के साथ और 8 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए। जिसमें M&M के शेयर 5.17%, पावरग्रिड के शेयर 3.41% और ITC के शेयर 3.34% से ज्यादा की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं मारुति के शेयर में 2.46% की कमजोरी देखने को मिली।

कारोबार के दौरान बाजार में ऑटो शेयर्स ने उड़ान भरी। NSE पर ऑटो इंडेक्स 3.43% की शानदार तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा IT, मेटल शेयर्स का भी बाजार को सपोर्ट मिला। IT इंडेक्स में 1.19% और मेटल इंडेक्स में 1.46% की तेजी रही।वहीं रियल्टी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ।

बाजार में तेजी के कारण

  • भारत की ग्रोथ रेट अगले साल तक दुनिया में सबसे तेज रहेगी: IMF
  • रिटेल महंगाई 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंची
  • कंपनियों के तिमाही नतीजे अच्छे आने की उम्मीद
  • वैक्सीनेशन तेज होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है
  • सरकार इंडस्ट्रीज को सपोर्ट करने की लगातार कोशिशें कर रही
  • BSE पर 1,760 शेयर्स बढ़त के साथ बंद
    BSE पर 3,476 शेयर्स में कारोबार हुआ। जिसमें 1,760 शेयर्स बढ़त के साथ और 1,578 शेयर्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। इसी के साथ BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पहली बार 270 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है।

    BSE पर 399 शेयर्स में अपर सर्किट लगा
    BSE पर कारोबार के दौरान 392 शेयर्स 52 हफ्ते के ऊपरी स्तर पर और 23 शेयर्स 52 हफ्ते के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखे। इसके अलावा 399 शेयर्स में अपर सर्किट लगा तो वहीं 247 शेयर्स में लोअर सर्किट लगा। इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 148 पॉइंट यानी 0.25% बढ़कर 60,284 पर और निफ्टी 46 पॉइंट यानी 0.26% की तेजी के साथ 17,991 के स्तर पर बंद हुआ था।

    क्रूड 83 डॉलर के पार
    ब्रेंट क्रूड का भाव 83 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है। ग्लोबल सप्लाई साइड की चिंता की वजह से क्रूड की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। यूएस में भी अभी इन्वेंट्री नॉर्मल नहीं हुई है। एक साल में क्रूड 80% से ज्यादा महंगा हो चुका है।

    FII और DII डाटा
    12 अक्टूबर यानी मंगलवार को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने बाजार में 278.32 करोड़ की बिकवाली की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी बाजार से 741.22 करोड़ रुपए निकाले।

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