फजलगंज पुलिस ने 6 घन्टे में 6 हत्यारोपी किये गिरफ्तार

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फजलगंज थाना क्षेत्र में बीती रात हुई थी हत्या

मेडिकल स्टोर में काम करता था युवक

आरोपी प्रांसू बोला बहन की गाली दी तो मार दिया

वारदात के बाद दिल्ली भागने की फिराक में थे अभियुक्त

पुलिस से भाग रहे अभियुक्तों की इनोवा बारा टोल से पहले पलटी

पीछा कर रही पुलिस ने कार पलटते ही आरोपियों को दबोचा

दो अभियुक्त पलटी कार से भाग निकले जिन्हें कुछ दूरी पर पकड़ा

कानपुर। थाना फजलगंज के दर्शन पुरवा में मेडिकल स्टोर कर्मचारी के 6 हत्यारों को पुलिस ने 6 घन्टे में पकड़ लिया। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से वारदात में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। पुलिस अभियुक्तों से पूछताछ कर रही है। अब तक हुई पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रांसु ने बताया कि आशीष ने उसको बहन की गाली दी थी इससे वह आपा खो बैठा और गोली मार दी।

घटनाक्रम के मुताबिक दर्शनपुरवा निवासी आशीष अग्निहोत्री (28) की शनिवार रात को घर के बाहर बुलाकर कुछ लोगों ने गोली मार दी थी। वारदात के बाद सभी मौके से भाग निकले थे। सूचना पर मौके पर पहुंची फजलगंज पुलिस व परिजन आशीष को लेकर हैलट पहुँचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्याकांड में परिजनों की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई।

दिल्ली की तरफ भागने की फिराक में थे

अभियुक्तों की तलाश में एसीपी नजीराबाद व थाना प्रभारी ने ताबड़तोड़ दबिश देनी शुरू कर दी। कुछ देर बाद सर्विलांस की मदद से पता चला कि अभियुक्त दिल्ली भागने की फिराक में है। पुलिस ने नेशनल हाईवे से कानपुर देहात की तरफ भाग रहे हत्यारोपियों का पीछा किया। बारा टोल प्लाजा से करीब चार किमी. पहले पूलिस से भागने के दौरान आरोपियों की इनोवा कार पलट गई।

कार पलटते ही दो अभियुक्त भागे, फिर पकड़े

कार पलटते ही पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी प्रांशु गुप्ता, आशु तोमर, राजन गुप्ता उर्फ राजन करिया और शिवा श्रीवास्तव को मौके से दबोच लिया। जबकि दो आरोपी मौके से भाग निकले। इसके बाद पुलिस ने घेरा बंदी करके दोनों अभियुक्तों वीरेंद्र झा उर्फ वीरू बिहारी व नितेश जायसवाल उर्फ जय को एक घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया।

यह वजह आई सामने

पुलिस की जांच में सामने आया कि आशीष व प्रांशु का लेनदेन का विवाद था। प्रांशु अमेजॉन कंपनी में सुपरवाइजर है। रविवार को आशु तोमर व अन्य ने प्रांशु को बताया कि बातचीत के दौरान आशीष तुम्हारी बहन को लेकर गाली गलौज कर रहा था। जैसे ही प्रांशु ने यह बात सुनी वह भड़क गया। रात करीब दस बजे वह आशीष के घर पर पहुंचा। गले में हाथ डालकर उसको बाहर लेकर आया। इसी दौरान आशीष से पूछा कि तुमने मुझे बहन की गाली दी थी। जैसे ही आशीष ने कहा हां जो करना हो कर लेना। इस पर प्रांशु ने उसके सीने में गोली मार दी थी। मौके पर ही आशीष की मौत हो गई थी।

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